डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में ठोस कदम
डिंडौरी। शासन की डिजिटल गवर्नेंस नीति को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल की गई। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के निर्देशानुसार जनपद पंचायत डिंडौरी कार्यालय के सभाकक्ष में जनपद स्तरीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए ई-ऑफिस प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य शासकीय कार्यप्रणाली को कागज-रहित, पारदर्शी, जवाबदेह एवं समयबद्ध बनाना रहा, जिससे शासन की योजनाओं एवं निर्णयों का क्रियान्वयन अधिक दक्षता के साथ किया जा सके। ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से फाइलों की अनावश्यक देरी पर नियंत्रण, कार्यों की ऑनलाइन निगरानी तथा प्रशासनिक उत्तरदायित्व को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।
प्रशिक्षण सत्र में जिला सूचना एवं विज्ञान अधिकारी श्री प्रशांत कौशिक ने ई-ऑफिस प्रणाली को शासन की डिजिटल कार्यसंस्कृति का महत्वपूर्ण स्तंभ बताते हुए इसके दीर्घकालिक लाभों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ई-ऑफिस से न केवल कार्यों की गति बढ़ेगी, बल्कि निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व भी सुनिश्चित होगा।
वरिष्ठ प्रशिक्षक श्री दीपक चौबे एवं प्रशिक्षक श्री संतोष बनोटे द्वारा ई-ऑफिस सॉफ्टवेयर के तकनीकी पहलुओं पर प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान फाइल मूवमेंट, नोटशीट निर्माण, ड्राफ्टिंग, अनुमोदन प्रक्रिया एवं ऑनलाइन रिकॉर्ड प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं को व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से समझाया गया।
प्रशिक्षण में शामिल अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने ई-ऑफिस प्रणाली को शासन की डिजिटल इंडिया पहल के अनुरूप बताते हुए इसे दैनिक कार्यालयीन कार्यों में पूर्ण रूप से अपनाने की सहमति व्यक्त की। इस प्रशिक्षण के माध्यम से जनपद पंचायत कार्यालय में ई-ऑफिस के सुचारु संचालन को लेकर कर्मचारियों की तकनीकी क्षमता, जवाबदेही एवं प्रशासनिक दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है।