शहपुरा में 15 दिवसीय फिजिकल ट्रेनिंग का भव्य समापन, 40 बालिकाओं को मिला आत्मविश्वास का संबल

डिंडौरी। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत महिला एवं बाल विकास विभाग, डिंडौरी द्वारा संचालित अभिनव पहल “पंखिनी – दृ सपने को दो पंख” अब ज़मीन पर परिणाम देने लगी है। इसी कड़ी में शहपुरा स्थित वीरांगना रानी दुर्गावती स्टेडियम में आयोजित 15 दिवसीय पुलिस भर्ती फिजिकल प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल और प्रेरणादायी समापन अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) श्री ऐश्वर्य वर्मा के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में 40 बालिकाओं ने अनुशासन, जज़्बे और संकल्प के साथ प्रशिक्षण प्राप्त किया। इन बालिकाओं को पुलिस भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा के अनुरूप 800 मीटर दौड़, हाई जंप एवं गोला फेंक का वैज्ञानिक एवं विधिवत अभ्यास लगातार 15 दिनों तक कराया गया।
समापन सत्र में सीडीपीओ श्री विपिन डेहरिया, पर्यवेक्षकगण, प्रशिक्षक एवं प्रशिक्षणार्थी बालिकाएँ उपस्थित रहीं। प्रशिक्षण पुलिस विभाग के प्रशिक्षक श्री अरुण कुमार डिगा एवं श्री दीपक धाकड़, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के ब्लॉक समन्वयक श्री कैलाश रजक, खेल प्रशिक्षक श्री अनिल लोधी, श्रीमती रमा साहू, तथा शिक्षा विभाग के खेल शिक्षक श्री जागेश्वर नंदा एवं श्री शेरमेर खलको सहित अन्य अनुभवी प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
समापन अवसर पर एसडीएम श्री ऐश्वर्य वर्मा ने प्रशिक्षणार्थी बालिकाओं को प्रमाण-पत्र वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया और कहा कि—
“पंखिनी जैसी पहलें बेटियों को केवल प्रशिक्षण नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, अवसर और भविष्य की दिशा देती हैं।”
यह नवाचार जिले की बालिकाओं को पुलिस भर्ती जैसी प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के लिए शारीरिक रूप से सक्षम बनाने, समान अवसर उपलब्ध कराने और आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर करने की दिशा में महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रभावी, परिणामोन्मुखी और प्रेरणादायी पहल है।
पंखिनी नवाचार आज डिंडौरी जिले में बेटियों के सशक्तिकरण, आत्मविश्वास और रोजगारोन्मुखी तैयारी का एक मजबूत मंच बनकर उभर रहा है।