भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी में कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। शहर की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली CM हाउस रोड पर दिनदहाड़े एक वरिष्ठ डॉक्टर के साथ लूट की सनसनीखेज वारदात ने पूरे सिस्टम को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, टीबी ट्रेनिंग सेंटर के डायरेक्टर डॉ. मनोज वर्मा सुबह साइकिलिंग कर घर लौट रहे थे। इसी दौरान पहले से घात लगाए बदमाशों ने उन्हें टक्कर मारकर गिराया, आँखों में मिर्च पाउडर झोंका और चाकू की नोक पर करीब 11 तोला सोना, घड़ी और मोबाइल लूटकर फरार हो गए। हमले में डॉक्टर गंभीर रूप से घायल हुए हैं और अस्पताल में उनका इलाज जारी है।
रेकी कर रची गई साजिश
प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि आरोपियों ने पहले से डॉक्टर की दिनचर्या और सोने की चेन को लेकर रेकी की थी। यानी यह वारदात पूरी प्लानिंग के तहत अंजाम दी गई।
वीआईपी सुरक्षा पर सवाल
यह घटना ऐसे इलाके में हुई है जहाँ मुख्यमंत्री निवास स्थित है और हर समय कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रहती है। इसके बावजूद अपराधियों का बेखौफ होकर वारदात करना पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
कांग्रेस का तीखा प्रहार
इस घटना को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर जोरदार हमला बोला है। कांग्रेस का कहना है—
“मुख्यमंत्री निवास की दहलीज पर ही ‘जंगलराज’ का तांडव हो रहा है। जिस सड़क पर परिंदा भी पर नहीं मार सकता, वहाँ अपराधी खुलेआम रेकी कर लूट कर रहे हैं।”
कांग्रेस ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से जवाब मांगते हुए कहा कि अगर उनके घर के बाहर ही जनता सुरक्षित नहीं है, तो पूरे प्रदेश की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
पार्टी ने गृह विभाग को भी घेरते हुए आरोप लगाया कि
“विज्ञापनों वाला सुशासन ज़मीन पर पूरी तरह फेल हो चुका है।”
पुलिस जांच और राजनीतिक दबाव
श्यामला हिल्स थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, लेकिन अब तक आरोपी फरार हैं। इस बीच बढ़ते राजनीतिक दबाव के चलते पुलिस पर जल्द खुलासा करने का दबाव भी बढ़ गया है।
बड़ा सवाल
👉 क्या राजधानी के सबसे सुरक्षित इलाके भी अब अपराधियों के निशाने पर हैं?
👉 क्या कानून-व्यवस्था सिर्फ दावों तक सीमित रह गई है?
👉 क्या इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था में कोई ठोस बदलाव होगा?