
डिंडौरी। महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यालय मेहंदवानी में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब सहायक ग्रेड-3 श्री अब्दुल रफीक खान को गंभीर कदाचरण और वसूली के आरोपों के चलते तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। इस कार्रवाई के आदेश कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया द्वारा जारी किए गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, श्री खान पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं के नियुक्ति आदेश वितरण के दौरान तथा मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद/स्पॉन्सरशिप योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों से नगद और ऑनलाइन माध्यम से अवैध राशि वसूली के गंभीर आरोप सामने आए थे। बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले से जुड़े वीडियो और ऑडियो वायरल होने की शिकायतें भी प्रशासन को प्राप्त हुई थीं, जिसके बाद विभाग हरकत में आया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए परियोजना अधिकारी, महिला एवं बाल विकास मेहंदवानी द्वारा दिनांक 29 दिसंबर 2025 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। अगले ही दिन 30 दिसंबर 2025 को प्रस्तुत जवाब को असंतोषजनक मानते हुए जांच में आरोपों की पुष्टि की गई और अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की गई।
जांच में यह कृत्य मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 का उल्लंघन पाए जाने पर इसे गंभीर कदाचरण की श्रेणी में रखा गया। इसके परिणामस्वरूप मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम-9 के तहत श्री अब्दुल रफीक खान को निलंबित कर दिया गया है।
निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय परियोजना अधिकारी, महिला एवं बाल विकास डिंडौरी कार्यालय नियत किया गया है। साथ ही नियमानुसार उन्हें जीवन-निर्वाह भत्ता देय रहेगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।