
डिण्डौरी। जिला चिकित्सालय डिण्डौरी में अचानक हुआ प्रभार परिवर्तन कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के आदेश पर सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. अजय राज को तत्काल प्रभाव से प्रभार से पृथक कर दिया गया है। लेकिन सवाल यह है कि आख़िर ऐसा क्या हुआ कि प्रशासन को अचानक इतना सख़्त कदम उठाना पड़ा?
सरकारी आदेश में भले ही इसे डॉ. अजय राज द्वारा 27 दिसंबर 2025 को दिए गए आवेदन से जोड़ा जा रहा हो, लेकिन ज़मीनी हकीकत यह है कि जिला चिकित्सालय लंबे समय से अव्यवस्था, अव्यवस्थित प्रबंधन और स्वास्थ्य सेवाओं में गिरावट को लेकर चर्चा में रहा है।
अब प्रशासनिक व्यवस्था की आड़ में शिशुरोग विशेषज्ञ डॉ. रमेश सिंह मरावी को आगामी आदेश तक सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक का संपूर्ण प्रभार सौंप दिया गया है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या सिर्फ़ चेहरे बदलने से अस्पताल की बदहाली दूर हो जाएगी?
कलेक्टर के इस आदेश को प्रशासन सख़्ती बता रहा है, मगर जनता जानना चाहती है—
क्या अस्पताल में हुई लापरवाहियों की जांच होगी?
क्या जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी?
या फिर यह बदलाव केवल फाइलों में सुधार तक सीमित रहेगा?
डिण्डौरी की जनता अब सिर्फ़ आदेश नहीं, नतीजे चाहती है। जिला चिकित्सालय की स्वास्थ्य सेवाएं सुधारेंगी या फिर यह फैसला भी कागज़ों में दम तोड़ देगा—इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं।