मछली व्यापार को मिली नई पहचान
मण्डला। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना ग्रामीण महिलाओं के जीवन में आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम बन रही है। इस योजना ने कई परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। इसी कड़ी में मण्डला जिले के ग्राम मोहनिया पटपरा की रहने वाली श्रीमती ग्यारसी नंदा के परिवार की कहानी प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आई है।
पहले सीमित आय के कारण ग्यारसी नंदा के परिवार को आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता था। उनके पति श्री संजू नंदा नर्मदा नदी से मछली पकड़कर स्थानीय साप्ताहिक बाजार में बेचते थे। परिवार में तीन बच्चों की पढ़ाई और घरेलू खर्चों के कारण आय अक्सर कम पड़ जाती थी।
इसी दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती ज्योति मरावी ने ग्यारसी नंदा का पंजीयन मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में कराया। जून 2023 से मिलने वाली सहायता राशि ने उनके जीवन की दिशा बदल दी।
व्यवसाय में किया निवेश
ग्यारसी नंदा ने योजना से मिलने वाली राशि को केवल घरेलू खर्चों तक सीमित न रखते हुए उसे निवेश के रूप में उपयोग करने का निर्णय लिया। उन्होंने इस राशि को अपने पति के मछली व्यापार में लगाया, जिससे उनके व्यवसाय को नई गति मिली।
पहले उनका व्यापार केवल एक स्थानीय बाजार तक सीमित था, लेकिन अब वे जिले से उच्च गुणवत्ता वाली मछलियाँ जैसे रोहू, नरेनी, कतला और सलांग खरीदकर 5 से 6 अलग-अलग बाजारों में बिक्री करने लगे हैं।
आय में हुई उल्लेखनीय वृद्धि
मछली व्यापार के विस्तार से उनके परिवार की आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। ग्यारसी नंदा बताती हैं कि अब उन्हें प्रति बाजार लगभग 300 से 400 रुपये का शुद्ध लाभ होने लगा है।
मार्च 2026 तक उन्हें इस योजना के तहत कुल 43,500 रुपये की सहायता राशि प्राप्त हो चुकी है। इस राशि ने न केवल उनके व्यवसाय को मजबूत किया, बल्कि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को भी बेहतर बनाया है।
आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता कदम
ग्यारसी नंदा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं कि लाड़ली बहना योजना ने उनके परिवार को नई दिशा दी है। अब उनका परिवार आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ रहा है और भविष्य में अपने व्यापार को और आगे बढ़ाने की योजना बना रहा है।