बालाघाट पुलिस की पहल, 14 परिवारों को मिलीं सरकारी नौकरी
बालाघाट। समाज की मुख्यधारा से फिर जुड़ने की दिशा में एक सराहनीय पहल करते हुए बालाघाट पुलिस ने पूर्व नक्सलियों के पुनर्वास के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। इस पहल के तहत आत्मसमर्पण कर चुके पूर्व नक्सलियों को सिलाई और ड्राइविंग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे अपने पैरों पर खड़े होकर सम्मानजनक जीवन जी सकें।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कई पूर्व नक्सली अब प्रशिक्षण केंद्रों में नियमित रूप से भाग लेकर सिलाई मशीन चलाना, कपड़े सिलना और वाहन चलाना सीख रहे हैं। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उन्हें रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे वे समाज की मुख्यधारा में मजबूती से जुड़ सकें।
आर्थिक सुरक्षा देना मुख्य उद्देश्य
इस पहल का मुख्य उद्देश्य हिंसा का रास्ता छोड़ चुके लोगों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। प्रशासन का मानना है कि रोजगार और कौशल प्रशिक्षण मिलने से इन लोगों का जीवन स्थिर होगा और वे समाज के लिए सकारात्मक योगदान दे सकेंगे।
पीड़ित परिवारों को भी मिला सहारा
इस अभियान के अंतर्गत नक्सली हिंसा से प्रभावित परिवारों को भी राहत दी गई है। पुलिस विभाग ने ऐसे 14 परिवारों के सदस्यों को सरकारी नौकरी देकर उन्हें आर्थिक सुरक्षा प्रदान की है, जिससे उनके जीवन में स्थिरता आ सके।
शांति और विकास की दिशा में पहल
प्रशासन का कहना है कि इस तरह की पहल से क्षेत्र में शांति, विश्वास और विकास को बढ़ावा मिलेगा। कौशल विकास और रोजगार के माध्यम से पूर्व नक्सलियों को समाज में नई पहचान और बेहतर भविष्य की दिशा मिल रही है।