आगामी शैक्षणिक सत्र से नई व्यवस्था लागू करने पर चल रहा मंथन
भोपाल। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 से स्नातक (UG) पाठ्यक्रमों में बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रहा है। नई व्यवस्था के तहत अब विद्यार्थियों को स्नातक डिग्री तीन साल के बजाय लगभग ढाई साल में पूरी करने का विकल्प दिया जा सकता है।
उच्च शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, इस नई व्यवस्था का उद्देश्य मेधावी और तेज गति से पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को कम समय में अपनी डिग्री पूरी करने का अवसर देना है। इससे छात्रों को जल्दी उच्च शिक्षा या रोजगार के अवसर मिल सकेंगे।
क्या होगा नया बदलाव
प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार स्नातक पाठ्यक्रम की पढ़ाई को अधिक लचीला और विकल्प आधारित बनाया जाएगा। जो विद्यार्थी तेज गति से पढ़ाई करना चाहते हैं, वे अतिरिक्त क्रेडिट लेकर कम समय में अपनी डिग्री पूरी कर सकेंगे। वहीं अन्य छात्र सामान्य अवधि में भी पढ़ाई जारी रख सकेंगे।
नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत उच्च शिक्षा में मल्टीपल एंट्री और एग्जिट सिस्टम को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे छात्रों को अपनी पढ़ाई के दौरान विभिन्न विकल्प मिलेंगे।
विद्यार्थियों को होंगे ये फायदे
मेधावी छात्र जल्दी अपनी पढ़ाई पूरी कर सकेंगे।
उच्च शिक्षा या प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अधिक समय मिलेगा।
पढ़ाई के साथ इंटर्नशिप और रिसर्च के अवसर बढ़ेंगे।
करियर की दिशा तय करने में लचीलापन मिलेगा।
अगले सत्र से लागू होने की संभावना
सूत्रों के मुताबिक, इस व्यवस्था को शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू करने पर विचार किया जा रहा है। फिलहाल उच्च शिक्षा विभाग और विश्वविद्यालयों के बीच इस पर मंथन जारी है।