डिंडौरी। जिले में प्रशासनिक अनुशासन को सख्ती से लागू करने के लिए कलेक्टर श्रीमती अंजू भदौरिया के निर्देशन में लगातार औचक निरीक्षण किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में बुधवार सुबह अपर कलेक्टर श्री जे.पी. यादव ने जिला शिक्षा केन्द्र डिंडौरी में अचानक निरीक्षण कर प्रशासनिक व्यवस्था की हकीकत सामने ला दी।
सुबह 10:38 बजे हुए इस औचक निरीक्षण में कार्यालय की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए, क्योंकि बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी कार्यालय समय में ही अनुपस्थित पाए गए। निरीक्षण के दौरान केवल एस.के. मिश्रा (एकाउंटेंट) और किशन बड़कड़े (भृत्य) ही कार्यालय में मौजूद मिले, जबकि कई जिम्मेदार अधिकारी अपने कर्तव्य स्थल से नदारद थे।
निरीक्षण के दौरान मावन कुमार गंगभिए (लेखा अधिकारी), प्रमिला मिश्रा एपीसी (E&R), अमित गोलिया एपीसी (A), वी.के. मिश्रा (एई), अनुराग पटेल (प्रोग्रामर), डी.के. पटेल (एकाउंटेंट), सुखनंद ठाकुर प्रभारी एपीसी (IED) तथा शैलेश कुमार जैन (माध्यमिक शिक्षक) कार्यालय में अनुपस्थित पाए गए।
प्रशासन ने इसे पदीय दायित्वों के प्रति गंभीर लापरवाही और अनुशासनहीनता मानते हुए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 के उल्लंघन के आधार पर सभी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
नोटिस में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सभी संबंधित अधिकारी और कर्मचारी 7 दिनों के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें, अन्यथा उनके विरुद्ध मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 तथा संविदा सेवा शर्तों के तहत एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे मामले पर कलेक्टर श्रीमती अंजू भदौरिया ने जिले के सभी कार्यालय प्रमुखों और कर्मचारियों को कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि कार्यालयीन अनुशासन, समयपालन और जवाबदेही में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी अधिकारी और कर्मचारी समय पर कार्यालय पहुंचकर अपने दायित्वों का निर्वहन करें, ताकि आम जनता को समय पर और बेहतर सेवाएं मिल सकें।