🔸 कृषक कल्याण वर्ष 2026 में नवाचार की पहल
🔸 प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना से महिला समूहों को मिल रहा प्रोत्साहन
डिंडोरी / करंजिया। जिले में कृषकों की आय बढ़ाने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के उद्देश्य से कृषक कल्याण वर्ष 2026 के अंतर्गत कई नवाचारात्मक पहलें की जा रही हैं। इसी क्रम में विकासखंड करंजिया के रामनगर में महिला कृषकों को मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
उद्योगिनी संस्था और कृषि विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में महिला उद्यमी समूह को ओएस्टर मशरूम उत्पादन की आधुनिक तकनीकों से अवगत कराया गया। प्रशिक्षण के दौरान प्रत्येक कृषक को 3 किलोग्राम मशरूम बीज उपलब्ध कराया गया, जिसके माध्यम से उन्होंने लगभग 25 से 30 उत्पादन बैग तैयार किए। इससे महिला कृषकों को मशरूम उत्पादन की व्यावहारिक जानकारी और अनुभव प्राप्त हो रहा है।
कृषकों को मशरूम बीज 250 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से उपलब्ध कराया गया। विशेषज्ञों के अनुसार एक बैग से लगभग तीन बार तक मशरूम की तुड़ाई की जा सकती है। वर्तमान में बाजार में ओएस्टर मशरूम की कीमत 200 से 300 रुपये प्रति किलोग्राम तक मिल रही है, जिससे किसानों को अतिरिक्त आय प्राप्त होने की संभावना बढ़ गई है।
मशरूम न केवल आय का अच्छा स्रोत है बल्कि पोषण की दृष्टि से भी अत्यंत लाभकारी माना जाता है। इसमें प्रोटीन, फाइबर और कई आवश्यक खनिज तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।
यह पहल प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत किसानों को आधुनिक और वैकल्पिक कृषि गतिविधियों से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। जिले में मशरूम उत्पादन को बढ़ावा देकर विशेष रूप से महिला कृषकों को रोजगार और आत्मनिर्भरता के नए अवसर प्रदान किए जा रहे हैं।
कृषि विभाग के मार्गदर्शन में इस तरह की नवाचार आधारित खेती को अपनाकर जिले के किसान आय बढ़ाने और कृषि को लाभकारी बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।