शाहपुरा। शाहपुरा विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में पूर्व विधायक भूपेंद्र मरावी की कार्यशैली को लेकर आज भी क्षेत्र में चर्चा होती रहती है। उनके राजनीतिक कार्यकाल के दौरान कई ऐसे मौके देखने को मिले जब वे सीधे गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों के बीच बैठते और उनकी समस्याओं को सुनते थे।
ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित बैठकों के दौरान पूर्व विधायक मरावी जमीन पर बैठकर लोगों से संवाद करते नजर आते थे। इस दौरान गांव के महिला-पुरुष और बुजुर्ग अपनी समस्याएं और स्थानीय मुद्दे सीधे उनके सामने रखते थे। इस तरह की जनसंवाद शैली ने उन्हें आम जनता के बीच अलग पहचान दिलाई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले आम नागरिकों के लिए जनप्रतिनिधियों तक पहुंचना आसान नहीं होता था और कई बार मध्यस्थों के माध्यम से अपनी बात रखनी पड़ती थी। लेकिन इस तरह की बैठकों के माध्यम से लोगों को सीधे अपनी बात रखने का अवसर मिला।
हालांकि बाद के चुनावी परिणामों में राजनीतिक परिस्थितियों के चलते उन्हें बहुत कम अंतर से हार का सामना करना पड़ा, लेकिन क्षेत्र में उनके समर्थक और विरोधी दोनों ही उनकी कार्यशैली को लेकर चर्चा करते नजर आते हैं। कई लोगों का मानना है कि जनता के बीच जाकर संवाद स्थापित करने की यह शैली क्षेत्रीय राजनीति में एक अलग उदाहरण के रूप में देखी जाती है।