कलेक्टर के निर्देश पर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त कार्रवाई से जिला चिकित्सालय में भर्ती, रक्त चढ़ाकर स्थिति संभाली गई
डिंडौरी। जिले में मातृ स्वास्थ्य के प्रति प्रशासन की संवेदनशीलता का एक महत्वपूर्ण उदाहरण सामने आया है। अंजू पवन भदौरिया के निर्देश पर गंभीर एनीमिया से पीड़ित गर्भवती महिला को तत्काल उपचार उपलब्ध कराते हुए जिला चिकित्सालय डिंडौरी में भर्ती कराया गया, जहाँ समय पर रक्त चढ़ाने से उसकी स्थिति नियंत्रित की जा सकी।
प्रारंभिक जांच में सामने आई गंभीर स्थिति
विकासखंड समनापुर के ग्राम ददरा टोला निवासी 20 वर्षीय गर्भवती महिला श्रीमती झमली बाई, जो लगभग आठ माह की गर्भवती हैं, हाल ही में अपने पति के साथ केरल से वापस गांव आई थीं।
ग्राम स्तर पर आशा कार्यकर्ता कुंवारिया बाई तथा एएनएम चंपा धुर्वे द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान महिला में अत्यधिक रक्ताल्पता पाई गई। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र समनापुर द्वारा तत्काल रक्त चढ़ाने की चिकित्सकीय सलाह दी गई, किंतु परिजन महिला को अस्पताल लाने के लिए सहमत नहीं हो रहे थे।
प्रशासनिक स्तर पर तत्काल हस्तक्षेप
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बीएमओ समनापुर डॉ. प्रेम सिंह कुशराम ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज पांडे को अवगत कराया। इसके बाद मामले की जानकारी कलेक्टर को दी गई, जिन्होंने त्वरित कार्रवाई के निर्देश जारी किए।
कलेक्टर के निर्देशानुसार एसडीएम सुश्री भारती मरावी के नेतृत्व में प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम गठित की गई, जिसमें तहसीलदार सुखम कुलेश, पटवारी जितेंद्र रजक, बीएमओ डॉ. प्रेम सिंह कुशराम, बीसीएम मनोज इटोरिया, एएनएम तथा अन्य स्वास्थ्यकर्मी शामिल रहे। टीम एंबुलेंस के साथ ग्राम पहुंची और परिजनों को समझाइश दी।
समुचित परामर्श के बाद भी सहमति न मिलने पर महिला के जीवन की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया अपनाई तथा पुलिस सहयोग से 27 फरवरी 2026 को महिला को जिला चिकित्सालय डिंडौरी में भर्ती कराया।
चिकित्सकीय परीक्षण में हीमोग्लोबिन अत्यंत कम पाया गया
जिला चिकित्सालय में परीक्षण के दौरान महिला का हीमोग्लोबिन स्तर मात्र 3.8 ग्राम पाया गया, जो अत्यंत गंभीर श्रेणी में आता है। ब्लड ग्रुप ए पॉजिटिव होने के कारण तत्काल एक यूनिट रक्त चढ़ाया गया तथा 28 फरवरी 2026 को अतिरिक्त रक्त चढ़ाने की प्रक्रिया जारी रखी गई।
वर्तमान में महिला विशेषज्ञ चिकित्सकीय निगरानी में है और उपचार जारी है।
समन्वित प्रशासनिक कार्यप्रणाली का उदाहरण
यह प्रकरण जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की त्वरित प्रतिक्रिया, जमीनी स्तर पर सक्रिय स्वास्थ्य तंत्र तथा समन्वित कार्यसंस्कृति का सशक्त उदाहरण है। समय रहते हस्तक्षेप किए जाने से संभावित मातृ-शिशु जोखिम को टाला जा सका।
जनसामान्य से अपील
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि गर्भावस्था के दौरान नियमित स्वास्थ्य जांच, संस्थागत प्रसव एवं चिकित्सकीय सलाह का पालन करें। किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या होने पर निकटतम स्वास्थ्य केंद्र से तुरंत संपर्क करें, ताकि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम किया जा सके।