दो दिवसीय आयोजन में स्व-सहायता समूहों के उत्पादों को मिला सशक्त मंच
डिंडौरी। मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत आयोजित ‘आजीविका होली उत्पाद मेला’ का शुभारंभ कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत श्री दिव्यांशु चौधरी द्वारा किया गया। दो दिवसीय यह मेला 27 से 28 फरवरी 2026 तक आम नागरिकों के लिए खुला रहेगा।
यह आयोजन ग्रामीण स्व-सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों के प्रदर्शन एवं विक्रय हेतु एक प्रभावी मंच प्रदान कर रहा है। मेले का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना, उनके उत्पादों को स्थानीय बाजार उपलब्ध कराना तथा आर्थिक सशक्तिकरण को प्रोत्साहित करना है।
मेले में प्राकृतिक रंग-गुलाल, पिचकारी, सजावटी सामग्री, पापड़-बड़ी, मिठाइयाँ, नमकीन, अचार, आंवला कैंडी, जंगली शहद, लौह कलाकृतियाँ, पाटनगढ़ पेंटिंग, दुपट्टा, होली टी-शर्ट, कुर्ता-पायजामा सहित विभिन्न हस्तशिल्प एवं घरेलू उत्पाद विक्रय हेतु उपलब्ध कराए गए हैं।
विशेष आकर्षण के रूप में बैगा जनजाति के ग्राम सिलपिड़ी, विकासखंड बजाग के स्व-सहायता समूह सदस्यों द्वारा पहली बार सहभागिता की गई। उनके स्टॉल पर जैविक सब्जियाँ, मोटा अनाज (मडिया, कोदो-कुटकी) तथा बाँस से निर्मित उत्पाद प्रदर्शित किए गए, जिन्हें आगंतुकों द्वारा विशेष सराहना मिली।
कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने अपने उद्बोधन में कहा कि आजीविका मिशन ग्रामीण महिलाओं के जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन ला रहा है। समूह की महिलाएँ आत्मनिर्भर बनकर परिवार एवं समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे मेले में पहुंचकर स्थानीय समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों की खरीददारी करें तथा ग्रामीण महिलाओं का उत्साहवर्धन करें।