डिंडौरी में औद्योगिक क्रांति की दस्तक, RAMP योजना से एमएसएमई को नया संबल

डिंडौरी। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) विभाग, मध्य प्रदेश शासन के निर्देशानुसार जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, डिंडौरी द्वारा RAMP योजना के अंतर्गत एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन मध्य प्रदेश टूरिज्म रिजॉर्ट (मिडवे ट्रीट), जोगी टिकरिया में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यशाला का उद्देश्य जिले के एमएसएमई उद्यमियों को आधुनिक औद्योगिक सोच, सरकारी योजनाओं और प्रतिस्पर्धी बाजार के लिए तैयार करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया, लघु उद्योग भारती के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री मनीष पटेल, जिला उद्योग केंद्र की महाप्रबंधक श्रीमती राधिका खुसरो एवं चेंबर ऑफ कॉमर्स के जिलाध्यक्ष श्री संजय जैन द्वारा नर्मदा माता के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया।
🔹 डिंडौरी उद्योगों की अपार संभावनाओं वाला जिला – कलेक्टर
अपने संबोधन में कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने डिंडौरी जिले में उद्योगों की असीम संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रशासन उद्यमियों के हर सकारात्मक प्रयास में उनके साथ खड़ा है। उन्होंने आह्वान किया कि जिले में 15 से 20 नए उद्योग स्थापित कर उद्यमी विकास की धुरी बनें, जिससे रोजगार सृजन के साथ जिले की आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ होगी। कलेक्टर ने सभी शासकीय विभागों को निर्देशित किया कि वे उद्यमियों को योजनाओं का वास्तविक लाभ दिलाने में सक्रिय सहयोग करें।
🔹 लघु उद्योग भारती की संयोजक इकाई घोषित
लघु उद्योग भारती के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री मनीष पटेल ने संगठन की संयोजक इकाई की घोषणा करते हुए श्री रवि राज बिलैया को संयोजक एवं श्री रोहित कांसकार को सह-संयोजक नियुक्त किए जाने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संगठित प्रयासों से ही लघु उद्योगों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।
🔹 RAMP योजना से एमएसएमई को मिलेगा नया संबल
कार्यक्रम का क्रियान्वयन नोडल एजेंसी मध्य प्रदेश लघु उद्योग निगम (MPLUN) द्वारा किया गया। RAMP योजना का मुख्य उद्देश्य एमएसएमई इकाइयों को तकनीकी रूप से सशक्त, प्रतिस्पर्धी एवं सतत विकास की दिशा में मजबूत बनाना है।
🔹 ZED, LEAN, IPR व TREDS योजनाओं की विस्तृत जानकारी
कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों द्वारा ZED, LEAN, IPR एवं TREDS जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं पर विस्तार से जानकारी दी गई। बताया गया कि इन योजनाओं के माध्यम से
✔️ उत्पादन लागत में कमी
✔️ गुणवत्ता में सुधार
✔️ आधुनिक प्रबंधन प्रणाली
✔️ उत्पादकता एवं मानकीकरण
✔️ बाजार प्रतिस्पर्धा में मजबूती
जैसे महत्वपूर्ण लाभ उद्यमियों को प्राप्त हो सकते हैं।
🔹 विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव
इस अवसर पर लघु उद्योग भारती जबलपुर से श्री मनीष पटेल एवं श्री बी. के. नीमा, RAMP भोपाल से श्री अभिषेक तिवारी तथा ZED भोपाल से श्री हर्षित जोशी ने अपने अनुभव साझा करते हुए उद्यमियों को व्यवहारिक मार्गदर्शन प्रदान किया।
🔹 प्रशासन–उद्यमी सहभागिता की मजबूत तस्वीर
कार्यक्रम में जिला उद्योग केंद्र की महाप्रबंधक श्रीमती राधिका कुशरो, प्रबंधक श्री संजय कुमार सुमन, जिला परियोजना प्रबंधक (NULM) श्रीमती श्वेता तिवारी, श्रम अधिकारी श्री नीरज तेकाम, आईटीआई प्रतिनिधि श्री मुकेश भांडे सहित जिले के समस्त उद्योगपति एवं डीआईसी परिवार उपस्थित रहा।