डिंडौरी। जिले में जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक में बड़ा खुलासा हुआ, जहां कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते हुए कई अहम निर्देश दिए।
⚡ समनापुर में बिजली एस्टीमेट में देरी से कार्य प्रभावित—कनिष्ठ अभियंता को कारण बताओ नोटिस
🚰 पाइपलाइन लीकेज और घटिया निर्माण पर संविदाकार को तलब, स्पष्टीकरण अनिवार्य
🏚️ अधूरी योजनाओं को शीघ्र पूर्ण कर पंचायत को हस्तांतरित करने के निर्देश
⚠️ हस्तांतरण में रुचि नहीं लेने वाले सरपंच-सचिव भी जवाबदेही के घेरे में
💧 ग्रीष्मकालीन संकट को देखते हुए नवीन नलकूप खनन को मंजूरी
👉 कलेक्टर ने स्पष्ट कहा—अब किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
🔧 क्या बोले कलेक्टर (मुख्य निर्देश)
✔️ ट्रायल रन तक संविदाकार स्वयं अस्थाई बिजली कनेक्शन लेगा
✔️ बाद में ग्राम पंचायत के नाम से मीटर लगने पर ही बिल भुगतान होगा
✔️ घुसिया मॉल, कुकर्रामठ, सिंहपुर जैसे ग्रामों में कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश
✔️ लीकेज और क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की तुरंत मरम्मत अनिवार्य
🔥 अब उठते हैं सबसे बड़े सवाल
❓ बार-बार पाइपलाइन लीकेज क्यों—क्या निर्माण में भ्रष्टाचार है?
❓ करोड़ों खर्च के बाद भी गांवों में पानी की समस्या क्यों बरकरार?
❓ शिकायत के बाद ही क्यों हरकत में आता है प्रशासन?
❓ जिम्मेदारों पर सिर्फ नोटिस या सख्त कार्रवाई भी होगी?
❓ क्या पंचायत स्तर पर भी लापरवाही और मिलीभगत है?
⚠️ सबसे बड़ा सवाल:
👉 क्या जल जीवन मिशन जमीनी हकीकत में फेल हो रहा है?
📢 अब नजर इस बात पर—
क्या यह सख्ती बदलाव लाएगी या फिर सब कुछ कागजों तक सीमित रह जाएगा?