
डिंडोरी। डिंडोरी जिले के हृदय स्थल भारत माता चौक में, जहाँ भगवान श्री हनुमान जन्मोत्सव का भव्य आयोजन होना था…
वहीं सामने आई एक चौंकाने वाली तस्वीर।
मंच तैयार था…
अखाड़े के लिए खिलाड़ी तैयार थे…
हजारों श्रद्धालु उत्साह के साथ मौजूद थे…
लेकिन…
👉 पूरा मैदान अंधेरे में डूबा हुआ था
👉 बिजली व्यवस्था पूरी तरह फेल नजर आई
👉 जिम्मेदार अधिकारी और व्यवस्था कहीं दिखाई नहीं दी

श्रद्धालु इंतज़ार करते रहे…
समय बीतता गया…
लेकिन रोशनी नहीं आई।
⚠️ क्या यही है प्रशासन की तैयारी?
⚠️ क्या त्योहारों पर भी व्यवस्था इतनी लापरवाह हो सकती है?
इसी बीच एक ऐसा दृश्य सामने आया जिसने सबको चौंका दिया—
👉 डिंडोरी के विधायक ओंकार सिंह मरकाम खुद टॉर्च लेकर मैदान में पहुँचे
👉 उन्होंने अपनी टॉर्च की रोशनी से अखाड़े की शुरुआत करवाई
यह सिर्फ एक टॉर्च नहीं थी…
यह उस सिस्टम पर सवाल थी, जो पूरी तरह अंधेरे में नजर आया।

🔥 एक तरफ पूरा प्रशासन नदारद…
🔥 दूसरी तरफ एक जनप्रतिनिधि खुद व्यवस्था संभालता नजर आया…
लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई—
क्या यह प्रशासनिक विफलता है?
या फिर लापरवाही की हद?
📢 जनता पूछ रही है:
जब बड़े धार्मिक आयोजनों में भी बेसिक सुविधाएं नहीं मिल पातीं,
तो फिर जिम्मेदारी किसकी है?
⚡ यह घटना सिर्फ एक आयोजन की नहीं… बल्कि पूरे सिस्टम की हकीकत दिखाती है।
🔥 “अंधेरे में डूबी व्यवस्था, और एक टॉर्च बनी सवाल…” 🔥