
भोपाल। धार जिले के मनावर विधानसभा क्षेत्र सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में हाल ही में हुई तेज आंधी, तूफान, अतिवृष्टि और ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी है। इस आपदा से क्षेत्र की प्रमुख फसलें पूरी तरह तबाह हो गई हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मनावर विधायक डॉ. हीरालाल अलावा ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और कलेक्टर को पत्र लिखकर तत्काल सर्वे एवं मुआवज़ा वितरण की मांग की है।
🌾 फसलों को भारी नुकसान, 90% से 100% तक बर्बादी
विधायक द्वारा भेजे गए पत्र में उल्लेख किया गया है कि:
मक्का, स्वीट कॉर्न, गेहूं, चना, करेला, टमाटर और अन्य सब्जियों की फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं
कई गांवों में 90% से 100% तक फसलें पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं
तेज बारिश और ओलों के कारण खेतों में खड़ी फसलें गिर गईं और सड़ने की स्थिति में पहुंच गई हैं
प्रभावित गांवों में जोगपुर, अंजदा, बोरली, निगर, पिपलिया, रामगांव, चांगदेव, मुंडला, खंडखेड़ी, बगदुन, कुक्षी, झापरपुर, टोंक, पीपलखुटा सहित अनेक गांव शामिल हैं, जहां व्यापक स्तर पर नुकसान दर्ज किया गया है।
⚠️ किसानों पर गहराया आर्थिक संकट
इस प्राकृतिक आपदा ने किसानों के सामने गंभीर संकट खड़ा कर दिया है:
किसानों की सालभर की मेहनत और निवेश पूरी तरह बर्बाद हो गया
कई किसान पहले से ही कर्ज के बोझ तले दबे हुए हैं
अब उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है
विधायक ने पत्र में कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, लेकिन वर्तमान स्थिति में उनकी आर्थिक स्थिति अत्यंत कमजोर हो गई है।
🏛️ प्रशासन की धीमी कार्यवाही पर सवाल
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि:
अभी तक प्रशासन द्वारा फसल नुकसान का सही आकलन (सर्वे) शुरू नहीं किया गया है
इससे प्रभावित किसानों को राहत मिलने में देरी हो रही है
📢 सरकार से प्रमुख मांगें
डॉ. हीरालाल अलावा ने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा:
- तुरंत सर्वे कराकर नुकसान का सही आकलन किया जाए
- प्रभावित किसानों को शीघ्र मुआवज़ा राशि प्रदान की जाए
- किसानों को अगली फसल के लिए बीज और खाद पर विशेष सब्सिडी दी जाए
- संबंधित अधिकारियों (तहसीलदार/पटवारी) को मौके पर जाकर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए जाएं
✍️ सरकार से शीघ्र कार्रवाई की अपील
विधायक ने अपने पत्र के अंत में प्रशासन से आग्रह किया है कि इस मामले में की गई कार्यवाही से उन्हें भी अवगत कराया जाए, ताकि किसानों को जल्द से जल्द राहत मिल सके।
🧾 निष्कर्ष
मनावर क्षेत्र में हुई इस प्राकृतिक आपदा ने किसानों की स्थिति बेहद गंभीर बना दी है। अब सभी की नजरें सरकार की त्वरित कार्रवाई और राहत पैकेज पर टिकी हैं। यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो यह संकट और गहरा सकता है।