
“वायरल तस्वीरों के बीच उठे बड़े सवाल”

अमरपुर/डिंडौरी। एक तरफ डिंडौरी जिला प्रशासन जल गंगा संवर्धन अभियान में प्रदेश में प्रथम और देश में तृतीय स्थान प्राप्त करने का जश्न मना रहा है, वहीं दूसरी ओर जनपद पंचायत अमरपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत रामगढ़ में स्टॉप डेम का पानी अचानक बहाए जाने से पूरे क्षेत्र में सवालों का तूफान खड़ा हो गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि खरमेर नदी पर निर्मित स्टॉप डेम में भीषण गर्मी के बावजूद पर्याप्त जलभराव था। इसी पानी से आसपास के ग्रामीणों, पशुपालकों और मवेशियों की जरूरतें पूरी हो रही थीं। लेकिन 11 जून की रात अथवा 12 जून की सुबह डेम का गेट खोल दिया गया, जिससे बड़ी मात्रा में पानी बह गया और देखते ही देखते नदी मछली पकड़ने वालों से भर गई।
मछली पकड़ने उमड़ी भीड़, सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार नदी और सड़क किनारे सैकड़ों दोपहिया वाहन खड़े दिखाई दिए। बड़ी संख्या में लोग घंटों तक नदी में उतरकर मछली पकड़ते रहे। घटना के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन द्वारा 16 जून से मत्स्याखेट प्रतिबंधित करने के आदेश जारी किए जा चुके थे। ऐसे में प्रतिबंध लागू होने से ठीक पहले डेम का खाली होना कई संदेह पैदा कर रहा है।
सरपंच का आवेदन, ग्रामीणों के अलग आरोप
मामले ने नया मोड़ तब लिया जब सरपंच की ओर से पुलिस चौकी में आवेदन देकर दावा किया गया कि गांव के कुछ दबंग व्यक्तियों ने डेम का गेट खोल दिया।
हालांकि कई ग्रामीण इस दावे पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि डेम का संचालन और नियंत्रण पंचायत के अधीन होता है, ऐसे में बिना जानकारी के गेट खुल जाना जांच का विषय है।
ग्रामीणों के बीच यह चर्चा भी है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि डेम का गेट किसके निर्देश पर और किन परिस्थितियों में खोला गया।
जल संरक्षण या जल निकासी?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस जिले को जल संरक्षण के लिए प्रदेश में नंबर-1 बताया जा रहा है, वहां गर्मी के चरम समय में जल संरक्षण संरचना का पानी आखिर क्यों बहाया गया?
ग्रामीणों का आरोप है कि डेम खाली होने के बाद नदी का पानी इतना गंदा हो गया कि मवेशी भी पानी पीने से कतरा रहे हैं। कई लोगों को नहाने, कपड़े धोने और दैनिक उपयोग के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
क्रिकेट प्रतियोगिता और मछली भोज की चर्चाएं
इसी बीच रामगढ़ में आयोजित विधायक कप रात्रिकालीन टेनिस बॉल क्रिकेट प्रतियोगिता भी चर्चाओं में है। ग्रामीणों के बीच चर्चा है कि प्रतियोगिता के दौरान बड़े पैमाने पर मछली भोज की व्यवस्था की गई। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन डेम खाली होने और बड़े पैमाने पर मछली पकड़ने की घटनाओं को लेकर ग्रामीण कई तरह के सवाल उठा रहे हैं।
जनता पूछ रही है…
- जब पानी बचाने पर पुरस्कार मिल रहा है, तो पानी बहाने की जरूरत क्यों पड़ी?
- स्टॉप डेम का गेट आखिर किसने खोला?
- यदि दबंगों ने गेट खोला तो उनके खिलाफ कार्रवाई कहां है?
- क्या जल संरक्षण के दावों और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर है?
- क्या ग्रामीणों की जल आवश्यकता से ज्यादा प्राथमिकता किसी और को दी गई?
जांच की मांग
ग्रामीणों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। अब सबकी निगाहें जिला प्रशासन, जनपद पंचायत और पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं।
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