
ढाबों में कथित शराब बिक्री की शिकायत से मचा हड़कंप — आबकारी विभाग की कार्रवाई पर सवाल, विधायक और मंडल अध्यक्ष की चुप्पी भी चर्चा में
अमरपुर, डिंडौरी। अमरपुर क्षेत्र के कुछ ढाबों में कथित रूप से शराब की बिक्री और परोसे जाने की शिकायतों ने स्थानीय स्तर पर हलचल पैदा कर दी है। शिकायतों की सच्चाई जांच का विषय है, लेकिन इस पूरे मामले ने प्रशासनिक निगरानी से लेकर स्थानीय राजनीतिक जवाबदेही तक कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
🔥 ढाबों में शराब—सच क्या है?
स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि कुछ ढाबों पर भोजन के साथ कथित रूप से शराब भी उपलब्ध कराई जा रही है। यदि ऐसा है तो सवाल उठता है कि संबंधित ढाबों के पास शराब बिक्री या परोसने की वैध अनुमति है या नहीं।
अगर अनुमति नहीं है तो कार्रवाई क्यों नहीं?
अगर अनुमति है तो नियमों के मुताबिक संचालन हो रहा है या नहीं?
इन सवालों का जवाब केवल निष्पक्ष जांच से मिल सकता है।
🌶️ विधायक से जनता का सीधा सवाल
अब इस मुद्दे पर स्थानीय विधायक की भूमिका को लेकर भी लोगों की निगाहें टिकी हैं।
जनता जानना चाहती है कि ढाबों में कथित शराब बिक्री की शिकायतों को लेकर विधायक का क्या रुख है?
क्या वे आबकारी विभाग से औचक जांच और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग करेंगे?
क्या वे यह सुनिश्चित कराने की पहल करेंगे कि अमरपुर में नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई हो?
जनता को बयान नहीं, जवाब और कार्रवाई चाहिए।
⚡ मंडल अध्यक्ष की चुप्पी पर भी सवाल
स्थानीय मंडल अध्यक्ष की ओर से इस मुद्दे पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
लोग पूछ रहे हैं—
शिकायत गलत है तो स्पष्ट करें।
शिकायत गंभीर है तो जांच की मांग करें।
आखिर इस मुद्दे पर चुप्पी क्यों?
हालांकि केवल चुप्पी को किसी प्रकार की मिलीभगत का प्रमाण नहीं माना जा सकता, लेकिन जनप्रतिनिधियों से जनता के सवालों पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने की अपेक्षा जरूर की जाती है।
🚨 अब आबकारी विभाग की परीक्षा
अब असली जिम्मेदारी आबकारी विभाग की है।
संबंधित ढाबों की औचक जांच, लाइसेंस की जांच और शराब के स्टॉक का सत्यापन किया जाना चाहिए। यदि अवैध बिक्री या नियमों का उल्लंघन मिलता है तो नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
और यदि शिकायत गलत साबित होती है तो प्रशासन को भी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
अमरपुर पूछ रहा है—जांच कब होगी?
ढाबों में कथित शराब बिक्री की शिकायत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब नजर प्रशासन, आबकारी विभाग, विधायक और मंडल अध्यक्ष की प्रतिक्रिया पर है।
क्या जांच होगी?
क्या सच्चाई सामने आएगी?
क्या जिम्मेदारी तय होगी?
और अगर आरोप सही निकले तो क्या कार्रवाई होगी?
अमरपुर की जनता अब इन सवालों के जवाब चाहती है।
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“जहाँ खबर नहीं, असर दिखता है!”







