
अमरपुर (डिंडोरी)। सरकार आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों के समग्र विकास और प्रत्येक घर तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने के दावे कर रही है, लेकिन जनपद पंचायत अमरपुर की ग्राम पंचायत सिघौली का बैगान टोला इन दावों की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़ा करता नजर आ रहा है। यहां रहने वाले बैगा परिवार आज भी टूटी सड़क, क्षतिग्रस्त पुलिया और शुद्ध पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, बैगान टोला तक पहुंचने वाला मार्ग पिछले वर्ष हुई भारी बारिश में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। करीब 30 वर्ष पुरानी पुलिया भी जर्जर हो चुकी है, जिसके कारण बरसात के दिनों में आवागमन बेहद जोखिमभरा हो जाता है। दोपहिया वाहन निकालना भी किसी चुनौती से कम नहीं है और कई बार ग्रामीणों को पैदल ही कीचड़ और पानी से होकर गुजरना पड़ता है।
सबसे चिंताजनक स्थिति पेयजल की है। ग्राम पंचायत में नल-जल योजना संचालित होने के बावजूद बैगान टोला के अधिकांश घरों तक शुद्ध पेयजल नहीं पहुंच पा रहा है। मजबूरी में ग्रामीण कुओं और झिरिया के दूषित पानी का उपयोग कर रहे हैं, जिससे जलजनित बीमारियों का खतरा लगातार बना हुआ है।
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है। उनका कहना है कि सड़क, पुलिया और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि बैगान टोला की जर्जर सड़क और पुलिया का शीघ्र निर्माण कराया जाए तथा नल-जल योजना का लाभ प्रत्येक घर तक पहुंचाया जाए, ताकि बैगा समुदाय को भी सम्मानजनक जीवन और आवश्यक सुविधाएं मिल सकें।
बड़ा सवाल
जब सरकार अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने का दावा कर रही है, तो आखिर बैगा जनजाति के ये परिवार आज भी सड़क और शुद्ध पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं से क्यों वंचित हैं?
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