गौवंश की जान बची, लेकिन प्रशासन अब भी गहरी नींद में?
डिंडोरी। डिंडोरी शहर के हंसनगर क्षेत्र में एक बड़ा हादसा टल गया, जब एक गौवंश खुले पड़े सैप्टिक टैंक में गिर गया। अगर समय रहते युवा शक्ति टीम मौके पर नहीं पहुंचती तो एक और मूक जानवर की दर्दनाक मौत तय थी। स्थानीय युवाओं और गौसेवकों की तत्परता से गाय को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन इस घटना ने नगर की बदहाल व्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही की पोल खोल दी है।
युवा शक्ति टीम बनी जीवनदाता
सूचना मिलते ही युवा शक्ति टीम और गौसेवक मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद गौवंश को सुरक्षित बाहर निकाला गया। क्षेत्रवासियों ने टीम के कार्य की सराहना की, लेकिन साथ ही सवाल भी उठाए कि आखिर हर बार हादसे के बाद ही जिम्मेदार क्यों जागते हैं?
वर्षों से खुला पड़ा है मौत का गड्ढा
रहवासी इलाके के बीच मुख्य मार्ग पर बना यह सैप्टिक टैंक लंबे समय से खुला पड़ा हुआ है। स्थानीय लोगों के मुताबिक पहले भी कई पशु इसमें गिर चुके हैं। बावजूद इसके ना तो मकान मालिक ने सुरक्षा के इंतजाम किए और ना ही नगर परिषद या प्रशासन ने कोई कार्रवाई की।
खाली भूखंड बन रहे बीमारी और हादसों का अड्डा
हंसनगर क्षेत्र में कई खाली भूखंड गंदगी, झाड़ियों और जलभराव से भरे पड़े हैं। बरसात के मौसम में इनमें जहरीले जीव-जंतु पनपते हैं, जिससे आसपास के रहवासियों और बच्चों की जान पर खतरा मंडराता रहता है। लगातार शिकायतों के बाद भी जिम्मेदारों की चुप्पी लोगों में भारी नाराजगी पैदा कर रही है।
🛑 जनता पूछ रही सवाल —
▪️ क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा है?
▪️ खुले सैप्टिक टैंक पर कार्रवाई कब होगी?
▪️ खाली भूखंडों की चारदीवारी और सफाई के आदेश कौन देगा?
▪️ आखिर रहवासियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है?
📢 स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि —
✔️ खुले सैप्टिक टैंक तत्काल बंद कराए जाएं
✔️ खाली भूखंडों की सफाई और चारदीवारी सुनिश्चित की जाए
✔️ लापरवाह भूखंड मालिकों पर कार्रवाई हो
✔️ रहवासी क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए
⚡ यह सिर्फ एक गाय को बचाने की घटना नहीं, बल्कि डिंडोरी शहर की अव्यवस्था, लापरवाही और प्रशासनिक उदासीनता का आईना है।