“VIP नहीं, जनता के सेवक बनकर पहुंचे कलेक्टर विकास मिश्र — दिव्यांग बच्चे से मुलाकात ने जीता दिल”
सीधी जिले से बड़ी खबर
सीधी जिले के कलेक्टर विकास मिश्र एक बार फिर अपने एक्शन और संवेदनशील अंदाज को लेकर चर्चा में हैं। गुरुवार सुबह करीब 8 बजे, जब वे मझौली से सीधी की ओर जा रहे थे, तभी रास्ते में तिलवारी की उचित मूल्य दुकान पर अचानक गाड़ी रुकवा दी।
बिना किसी पूर्व सूचना के हुए इस औचक निरीक्षण से दुकान संचालक और संबंधित अधिकारी सकते में आ गए।
जमीन पर उतरकर हकीकत जानी,
कलेक्टर ने मौके पर मौजूद ग्रामीणों से सीधे बातचीत की और राशन वितरण से जुड़ी वास्तविक स्थिति को समझा।
लोगों ने खुलकर अपनी समस्याएं रखीं — कहीं राशन में गड़बड़ी, तो कहीं समय पर वितरण न होने की शिकायतें सामने आईं।
कलेक्टर ने तुरंत अधिकारियों को फटकार लगाते हुए स्पष्ट निर्देश दिए—
“जनता को उसका हक हर हाल में मिलना चाहिए, लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।”
दिव्यांग बच्चे से मुलाकात बनी मिसाल
निरीक्षण के दौरान एक दिव्यांग बच्चे से कलेक्टर की मुलाकात ने पूरे माहौल को भावुक कर दिया।
कलेक्टर ने बच्चे से बेहद आत्मीयता से बात की, उसकी समस्याएं सुनीं और मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को मदद के निर्देश दिए।
यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोग भावुक हो गए।
जनता बोली — “कलेक्टर हो तो ऐसा!”
कलेक्टर के इस व्यवहार ने लोगों के दिलों में भरोसा और सम्मान दोनों बढ़ा दिया।
स्थानीय लोगों ने कहा—
“पहली बार कोई कलेक्टर इस तरह अचानक आकर हमारी बात सुन रहा है… सच में कलेक्टर हो तो ऐसा!”
अब फाइलों में नहीं, मैदान में होगा काम
लापरवाहों पर गिरेगी गाज
आम जनता की समस्याओं का होगा तत्काल समाधान
सीधी में प्रशासन अब सिर्फ ऑफिस तक सीमित नहीं, बल्कि सड़कों और गांवों में उतर चुका है।
कलेक्टर विकास मिश्र का यह अंदाज साफ संकेत दे रहा है कि जिले में अब “जनता पहले” की नीति पर काम होगा।