आखिर कब तक महंगी और मिलावटी शराब पीने को मजबूर रहेगी जनता?
डिंडौरी। जिले में अवैध शराब कारोबार अब खुलेआम कानून को चुनौती देता नजर आ रहा है। ताजा मामले में कोतवाली पुलिस ने राय सिटी इलाके में दबिश देकर झारखंड और अनूपपुर के तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 84 लीटर अवैध शराब, दो बाइक, चार मोबाइल और ₹53 हजार से अधिक नकदी जब्त की गई है। जब्त सामग्री की कुल कीमत ₹5.37 लाख बताई जा रही है।
लेकिन सबसे बड़ा सवाल अब भी वही है —
⚠️ आखिर डिंडौरी में अवैध शराब का नेटवर्क इतना मजबूत कैसे हो गया?
जिले में पांच अधिकृत शराब दुकानें संचालित हैं, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि अधिकांश दुकानों में आज तक रेट लिस्ट तक चस्पां नहीं की गई। इसका सीधा फायदा शराब माफिया और अवैध कारोबारी उठा रहे हैं। गांव-गांव, गली-गली और मोहल्लों तक महंगी कीमतों में शराब बेची जा रही है।
🍾 एमआरपी से दुगुने दाम पर शराब
🍾 मिलावटी और संदिग्ध शराब का खुला खेल
🍾 नस्ली शराब की अवैध सप्लाई
🍾 युवाओं को बनाया जा रहा निशाना
स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिले में कई जगहों पर पानी की तरह शराब परोसी जा रही है। देर रात तक अवैध शराब की बिक्री जारी रहती है, लेकिन कार्रवाई केवल छोटे तस्करों तक सीमित रह जाती है। सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर इस पूरे नेटवर्क के पीछे कौन लोग हैं और किसके संरक्षण में यह कारोबार फल-फूल रहा है?
👮♂️ कोतवाली प्रभारी दुर्गा प्रसाद नगपुरे के नेतृत्व में हुई कार्रवाई ने एक बार फिर जिले में शराब माफियाओं की सक्रियता उजागर कर दी है। हालांकि जनता अब सिर्फ कार्रवाई नहीं, बल्कि पूरे सिंडिकेट पर बड़ी चोट चाहती है।
📢 जनता की मांग:
✅ सभी शराब दुकानों में रेट लिस्ट अनिवार्य हो
✅ मिलावटी शराब की जांच हो
✅ मोहल्लों में हो रही अवैध बिक्री पर सख्त कार्रवाई हो
✅ शराब माफियाओं के संरक्षणकर्ताओं को बेनकाब किया जाए
डिंडौरी की जनता अब पूछ रही है —
क्या प्रशासन सिर्फ छापेमारी तक सीमित रहेगा या जिले को अवैध शराब के जाल से मुक्त कराने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे?
Socialnetworkingservices.in