“पानी नहीं, भुगतान नहीं, आवास नहीं… आखिर जनता जाए तो जाए कहाँ?”
डिंडौरी। जनसुनवाई में फूटा ग्रामीणों का गुस्सा!अंजू पवन भदौरिया की जनसुनवाई इस बार आम शिकायतों तक सीमित नहीं रही, बल्कि जिले भर से पहुंचे ग्रामीणों ने सिस्टम की लापरवाही और अधूरे विकास कार्यों की पोल खोलकर रख दी। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जनसुनवाई में कुल 69 आवेदन पहुंचे, जिनमें पेयजल संकट, अधूरे निर्माण, लंबित भुगतान, प्रधानमंत्री आवास योजना और मुआवजा नहीं मिलने जैसी गंभीर समस्याएं सामने आईं।
जनसुनवाई के दौरान कई ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि योजनाएं सिर्फ कागजों में दौड़ रही हैं, जबकि गांवों में लोग मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। कलेक्टर ने सभी मामलों को गंभीरता से सुनते हुए अधिकारियों को तत्काल जांच और निराकरण के निर्देश दिए।
जल जीवन मिशन पर उठे बड़े सवाल!
“234 परिवार… लेकिन पानी सिर्फ 58 घरों तक!”
विकासखंड बजाग की ग्राम पंचायत खम्हेरा से पहुंचे ग्रामीणों ने जल जीवन मिशन की हकीकत सामने रख दी। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में बनाई गई ओवरहेड टंकी क्षतिग्रस्त पड़ी है और हजारों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि गांव के 234 परिवारों में से केवल 58 घरों तक ही पानी पहुंच रहा है, जबकि 178 परिवार आज भी पेयजल सुविधा से वंचित हैं। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि करोड़ों की योजनाओं का फायदा आखिर किसे मिल रहा है?
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने संबंधित विभाग को तत्काल जांच कर पेयजल व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए।
“काम कराया… लेकिन पैसा नहीं मिला!”
ग्राम पंचायत पिण्डरूखी निवासी भजन सिंह राजपूत ने तालाब निर्माण कार्य का करीब 1 लाख 25 हजार रुपये भुगतान लंबित होने की शिकायत की। उन्होंने आरोप लगाया कि काम पूरा होने के बावजूद भुगतान नहीं किया गया।
कलेक्टर ने अधिकारियों को मामले की जांच कर जल्द भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जर्जर मकान में गुजर रही जिंदगी
नेहरू वार्ड निवासी सरस्वती बर्मन ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की। उनका कहना है कि उनका मकान पूरी तरह जर्जर हो चुका है और परिवार खतरे के बीच रहने को मजबूर है।
कलेक्टर ने पात्रता जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
वर्षों से अधूरा पड़ा आरआई भवन!
ग्राम सक्का में वर्षों से अधूरा पड़े आरआई भवन निर्माण का मामला भी जनसुनवाई में गूंजा। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य लंबे समय से बंद पड़ा है, जिससे सरकारी कामकाज प्रभावित हो रहा है।
कलेक्टर ने संबंधित विभाग को जांच कर निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए।