अमरपुर में चर्चाओं का बाजार गर्म
डिंडौरी।विकासखंड अमरपुर में इन दिनों जनपद कार्यालय को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं सुनने को मिल रही हैं।
लोगों के बीच सवाल उठ रहे हैं कि जनपद CEO का डिंडौरी से अमरपुर तक रोजाना सरकारी वाहन से आना-जाना आखिर किस नियम के तहत हो रहा है?
ग्रामीणों और कर्मचारियों के बीच यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है।
चाय की दुकानों से लेकर दफ्तरों तक लोग तंज कसते नजर आ रहे हैं —
“जनता को योजनाओं के लिए वाहन नहीं…
लेकिन साहब की गाड़ी रोज फर्राटे भर रही है!”
कुछ लोगों का कहना है कि यदि सरकारी वाहन का उपयोग शासकीय कार्यों के लिए हो रहा है तो नियम स्पष्ट होने चाहिए,
लेकिन यदि निजी सुविधा के लिए उपयोग किया जा रहा है तो यह गंभीर सवाल खड़े करता है।
उधर क्षेत्र में यह चर्चा भी तेज है कि —
“क्या सरकारी गाड़ी जनता की सेवा के लिए है…
या अधिकारियों की निजी यात्रा के लिए?”
अब जनता प्रशासन से जवाब मांग रही है —
क्या इस वाहन उपयोग का रिकॉर्ड सार्वजनिक किया जाएगा?
क्या संबंधित विभाग इस पर स्थिति स्पष्ट करेगा?
या फिर मामला हमेशा की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा?
सबसे बड़ा सवाल —
“क्या सरकारी गाड़ी का उपयोग नियमों के तहत हो रहा है…
या फिर सिस्टम में सब कुछ ‘चलता है’ के भरोसे चल रहा है?”